My Expressions

Date : 13 April 2020

  • Young Voice
  • Divyanshee Rawat

कभी सोचा न था कि ऐसा समय भी आएगा 
एक विषाणु इंसान को इंसान से दूर ले जाएगा 


कहीं भूख से मर रहे हैं गरीब 
तो कहीं बहुत सालों बाद परिवार के लोग हुए है करीब 


कभी सोचा न था कि एक देश जो तरक्की की राह पर था,
वो मंदी से गिर जाएगा 
क्या क्या सपने संजोए थे इस दशक की सुबह ने,
हमें क्या मालूम था, अँधियारा इतना घना हो जाएगा


लेकिन हमें लड़ना होगा मिलकर, जरा आपसी दूरी बनाकर 
ये फासले दरमियां,
इसका अंत बन जाएगा 
ये लड़ाई अभी कुछ दिन ओर चलेगी,
लेकिन एक नया सवेरा रोशनी फिर से लाएगा 


बस विश्वास रखो यह बुरा समय भी गुज़र जाएगा 
हमारा हिन्दुस्तान इस महामारी को मार भगाएगा । 

 

Divyanshee Rawat

Shaheed Bhagat Singh, University of Delhi, New Delhi, Delhi

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