My Expressions

ख़ुशी

Date : 27 April 2020

  • Experts' Views
  • अनवरी पेशकर


रास्ते पर चलती हैँ गाड़ियाँ,
अपने जगह से हिलते नहीं पहाड़ियाँ,
अपने ईमान को हिलने ना देना,
देखकर रिश्वत के गड्डीयाँ I


पेड़ो पर मछलीयाँ होते नहीं,
पानी में आदमी रहता नहीं,
ज़मीन पर रहता है इंसान,
हर वक़्त परेशान I

रब ने बनाया यह ज़मीन आसमान,
यह जानवर और इंसान,
मिटा दो दिलों से नफरत,
यह तुम्हारा तुमपर ही होगा एहसान I

किसी का भी दिल ना दुखायिऐ,
अपने गुनाह से तौबा कर लीजिए,
किसी दुखी को हंसायिऐ,
अपने रब को कभी ना भुलायिऐ I


जात, प्रांत, और मुल्क सब अपनी जगह,
यह नहीं होनी चाहिए लड़ने की वजह,
अनवरी को बस इतना है कहना,
हमेशा ख़ुशी से सब मिल-झूल कर रहना I

 

अनवरी पेशकर